ऑस्ट्रेलियाई संसद क्या है और यह कैसे काम करती है
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ऑस्ट्रेलिया की संसद कैनबरा में बैठती है और इसके दो सदन हैं, प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) और सीनेट। प्रतिनिधि सभा में सदस्य जनसंख्या के अनुपात में चुने जाते हैं, जबकि सीनेट में हर राज्य को बराबर प्रतिनिधित्व मिलता है, चाहे उसकी आबादी कितनी भी हो। यह ढांचा संघीय व्यवस्था के संतुलन को दर्शाता है।
संसद का मुख्य काम कानून बनाना, सरकार के खर्च को मंजूरी देना और कार्यपालिका पर निगरानी रखना है। जिस पार्टी या गठबंधन को प्रतिनिधि सभा में बहुमत मिलता है, वही सरकार बनाती है, और उसका नेता प्रधानमंत्री कहलाता है। यह वेस्टमिंस्टर परंपरा से प्रेरित संसदीय प्रणाली का उदाहरण है।
कोई भी विधेयक कानून बनने से पहले दोनों सदनों से पारित होना जरूरी है, इसके बाद उस पर गवर्नर जनरल की औपचारिक सहमति ली जाती है। यह बहुस्तरीय प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि कानून बनने से पहले उस पर पर्याप्त बहस और जांच हो, और सत्ता किसी एक इकाई के हाथ में केंद्रित न रहे।