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अर्थव्यवस्था सरल भाषा में

कराधान (टैक्स) की बुनियादी बातें समझना

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Photo: Broadcast studio camera (53997810821) by Ethan Long (CC BY-SA 2.0), via Openverse

कराधान का सीधा मतलब है सरकार द्वारा नागरिकों और व्यवसायों से पैसा इकट्ठा करना, ताकि सड़क, स्कूल, अस्पताल और सुरक्षा जैसी सार्वजनिक सेवाओं पर खर्च किया जा सके। बिना टैक्स के किसी भी सरकार के लिए इतने बड़े पैमाने पर सेवाएं देना संभव नहीं होता।

टैक्स मोटे तौर पर दो तरह के होते हैं: प्रत्यक्ष कर, जैसे आयकर, जो सीधे व्यक्ति या कंपनी की कमाई पर लगता है, और अप्रत्यक्ष कर, जैसे वस्तु एवं सेवा कर (GST), जो किसी वस्तु या सेवा को खरीदते समय चुकाना पड़ता है, चाहे कमाई कितनी भी हो।

कई देशों में आयकर की व्यवस्था इस तरह बनाई जाती है कि ज्यादा कमाने वाले अपनी कमाई के बड़े हिस्से पर टैक्स चुकाएं, जिसे प्रगतिशील कराधान कहा जाता है। इसका मकसद यह होता है कि टैक्स का बोझ आय के हिसाब से उचित रूप से बंटे, न कि सब पर एक जैसा।

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