दूतावास और वाणिज्य दूतावास में क्या फर्क है
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दूतावास किसी देश का उस दूसरे देश की राजधानी में स्थित मुख्य राजनयिक प्रतिनिधि कार्यालय होता है, जिसका नेतृत्व राजदूत करता है। यहाँ से दोनों देशों के बीच राजनीतिक, कूटनीतिक और सरकारी स्तर के संबंध संभाले जाते हैं, और यह उस देश की सबसे ऊँची स्तर की मौजूदगी मानी जाती है।
वाणिज्य दूतावास (कॉन्सुलेट) इससे अलग है: यह आमतौर पर किसी देश के अन्य बड़े शहरों में खोला जाता है, राजधानी के अलावा, और इसका मुख्य काम आम नागरिकों की मदद करना होता है, जैसे वीज़ा जारी करना, पासपोर्ट से जुड़ी सेवाएं देना, या विदेश में फंसे अपने नागरिकों की सहायता करना।
एक देश की राजधानी में आमतौर पर सिर्फ एक दूतावास होता है, लेकिन कई शहरों में कई वाणिज्य दूतावास हो सकते हैं, क्योंकि नागरिक सेवाओं की मांग हर जगह होती है। यही फर्क समझना ज़रूरी है, ताकि लोग सही कार्यालय से सही मदद मांग सकें।