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इतिहास के पन्ने

कागजी मुद्रा के इतिहास को समझना

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Photo: Broadcast studio camera (53997810821) by Ethan Long (CC BY-SA 2.0), via Openverse

कागजी मुद्रा का सबसे पुराना इस्तेमाल प्राचीन चीन में हुआ माना जाता है, जहाँ भारी धातु के सिक्कों को ढोने की परेशानी से बचने के लिए व्यापारी कागज पर लिखे रसीद जैसे प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल करने लगे। यह प्रमाणपत्र असल में सोने या चांदी की एक तय मात्रा का प्रतिनिधित्व करता था।

समय के साथ यह विचार दुनिया के दूसरे हिस्सों में भी फैला, जहाँ सरकारें और बैंक कागजी नोट जारी करने लगे, जिन्हें जरूरत पड़ने पर सोने या चांदी में बदला जा सकता था। इससे बड़ी रकम का लेन देन कहीं ज्यादा आसान और सुरक्षित हो गया।

बीसवीं सदी में ज्यादातर देशों ने धीरे धीरे अपनी मुद्रा को सोने से जोड़ना बंद कर दिया, और आज की मुद्रा का मूल्य मुख्य रूप से सरकार और अर्थव्यवस्था में भरोसे पर टिका होता है। यही वजह है कि आधुनिक मुद्रा को अक्सर भरोसे पर आधारित मुद्रा कहा जाता है।

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