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इतिहास के पन्ने

टेलीग्राफ के इतिहास को समझना

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Photo: Moses Znaimer (52108225299) by John Bauld from Toronto, Canada (CC BY 2.0), via Openverse

टेलीग्राफ के आविष्कार से पहले, दूर के स्थानों तक कोई संदेश भेजने में दिन या हफ्ते लग जाते थे, क्योंकि यह चिट्ठी या दूत के भरोसे होता था। टेलीग्राफ ने यह बदल दिया: इसने बिजली के तारों के ज़रिए संकेत भेजना संभव बनाया, जिससे संदेश लगभग तुरंत दूर तक पहुंचने लगे।

इसमें संदेशों को मोर्स कोड जैसी प्रणाली के ज़रिए छोटे और लंबे संकेतों में बदला जाता था, जिन्हें तार के दूसरे छोर पर पढ़कर वापस शब्दों में बदला जाता था। इस तकनीक ने अखबारों को दूर की घटनाओं की खबर तेज़ी से पाने में मदद की, जिससे समाचार जगत की रफ्तार पूरी तरह बदल गई।

बाद में समुद्र के नीचे बिछाई गई तारों ने अलग अलग महाद्वीपों को भी टेलीग्राफ से जोड़ दिया, जिससे दुनिया पहले से कहीं ज्यादा आपस में जुड़ी हुई महसूस होने लगी। समय के साथ टेलीफोन और फिर आधुनिक संचार तकनीकों ने टेलीग्राफ की जगह ले ली, लेकिन इसने तेज़ संचार की नींव रखी थी।

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