बैंक क्रेडिट कैसे बनाते हैं
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जब कोई व्यक्ति बैंक में पैसा जमा करता है, तो बैंक उस पूरी रक़म को तिजोरी में बंद करके नहीं रखता। इसके बजाय, बैंक उस जमा राशि का एक हिस्सा सुरक्षित रखते हुए बाकी हिस्सा दूसरों को कर्ज़ के रूप में देता है।
यह कर्ज़ जब किसी और के खाते में जमा होता है, तो वह भी नई जमा राशि बन जाती है, जिसका इस्तेमाल बैंक फिर से आगे कर्ज़ देने के लिए कर सकता है। इस तरह मूल जमा राशि से कहीं ज़्यादा पैसा अर्थव्यवस्था में प्रवाहित होने लगता है।
इस प्रक्रिया को क्रेडिट सृजन कहा जाता है, और यह आधुनिक बैंकिंग प्रणाली का एक बुनियादी सिद्धांत है। यही वजह है कि बैंकिंग प्रणाली अर्थव्यवस्था में पैसे की उपलब्धता को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती है।
इस प्रक्रिया को नियंत्रित रखने के लिए केंद्रीय बैंक नियम बनाते हैं, ताकि बैंक बहुत ज़्यादा कर्ज़ देकर जोखिम न उठाएँ, और जमाकर्ताओं का पैसा सुरक्षित बना रहे।