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विज्ञान और तकनीक

बैटरी ऊर्जा को कैसे संग्रहित और छोड़ती है

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Photo: Broadcast Studio (53998133784) by Ethan Long (CC BY-SA 2.0), via Openverse

बैटरी के भीतर रासायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में बदलने की प्रक्रिया चलती है। इसके भीतर दो अलग अलग पदार्थों वाले इलेक्ट्रोड होते हैं, जिनके बीच एक रासायनिक द्रव या पेस्ट होता है, जिसे इलेक्ट्रोलाइट कहा जाता है, जो आवेशित कणों को एक इलेक्ट्रोड से दूसरे तक जाने में मदद करता है।

जब बैटरी किसी उपकरण से जुड़ती है, तो इलेक्ट्रोड के बीच रासायनिक प्रतिक्रिया शुरू होती है, जिससे इलेक्ट्रॉन बाहरी तार के रास्ते बहने लगते हैं और यही बहाव विद्युत धारा बनाता है। यह प्रक्रिया तब तक चलती रहती है जब तक रासायनिक पदार्थ अपनी क्षमता के अनुसार प्रतिक्रिया देते रहें।

रिचार्जेबल बैटरी में यह प्रक्रिया उलटी भी की जा सकती है, यानी बाहर से बिजली देकर रासायनिक पदार्थों को उनकी मूल स्थिति में वापस लाया जाता है। यही वजह है कि मोबाइल फोन और इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी को बार बार चार्ज करके दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है।

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