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विज्ञान और तकनीक

उपग्रह अंतरिक्ष में अपनी कक्षा में कैसे टिके रहते हैं

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Photo: Moscow TraveLodge, 1969 - Moscow, Idaho (4257383037) by Steve Shook from Moscow, Idaho, USA (CC BY 2.0), via Openverse

उपग्रह धरती के चारों ओर इसलिए घूमते रहते हैं क्योंकि उनकी आगे बढ़ने की गति और धरती का गुरुत्वाकर्षण खिंचाव एक नाजुक संतुलन बनाते हैं। यह ठीक वैसा ही है जैसे कोई गेंद इतनी तेज़ी से फेंकी जाए कि वह ज़मीन पर गिरने के बजाय लगातार धरती के वक्र के साथ साथ आगे बढ़ती रहे।

अगर उपग्रह बहुत धीमा हो, तो गुरुत्वाकर्षण उसे वापस खींच लेगा, और अगर बहुत तेज़ हो, तो वह अंतरिक्ष में दूर निकल जाएगा। इसीलिए हर कक्षा के लिए एक तय गति होती है, जिसे वैज्ञानिक बेहद सटीक गणना करके तय करते हैं, इससे पहले कि उपग्रह को अंतरिक्ष में भेजा जाए।

अलग अलग ऊंचाई की कक्षाएं अलग अलग कामों के लिए इस्तेमाल होती हैं, जैसे मौसम की जानकारी, संचार या नेविगेशन। एक बार सही गति और ऊंचाई मिल जाने पर उपग्रह बिना किसी लगातार इंजन के धरती के चारों ओर वर्षों तक चक्कर लगाता रह सकता है।

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