टेनिस टूर्नामेंट में सीडिंग कैसे होती है
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टेनिस टूर्नामेंट में सीडिंग एक ऐसी व्यवस्था है जिसके ज़रिए शीर्ष रैंकिंग वाले खिलाड़ियों को शुरुआती दौर में आपस में टकराने से बचाया जाता है। इससे टूर्नामेंट अधिक संतुलित और रोमांचक बनता है।
यह सीडिंग खिलाड़ी की मौजूदा रैंकिंग के आधार पर तय की जाती है, जो पिछले प्रदर्शन को दर्शाती है। सबसे ऊपर सीड किए गए खिलाड़ी को ड्रॉ में इस तरह रखा जाता है कि वह जल्दी दूसरे शीर्ष खिलाड़ियों से न भिड़े।
इस व्यवस्था का मक़सद यह सुनिश्चित करना है कि सबसे मज़बूत खिलाड़ी आदर्श रूप से टूर्नामेंट के बाद के दौर में आपस में भिड़ें, न कि शुरुआत में ही एक दूसरे को बाहर कर दें। इससे दर्शकों को अंत तक रोमांचक मुक़ाबले देखने को मिलते हैं।
यह प्रणाली टूर्नामेंट को निष्पक्ष और रोमांचक दोनों बनाए रखने की कोशिश करती है, हालाँकि इसके बावजूद कभी कभी अप्रत्याशित नतीजे भी सामने आते हैं, जो खेल की अनिश्चितता को दर्शाते हैं।