टीके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कैसे प्रशिक्षित करते हैं
Launch library · evergreen read

टीका शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को किसी बीमारी को पहचानने का प्रशिक्षण देता है, बिना असल संक्रमण की गंभीरता झेले। इसमें आमतौर पर किसी वायरस या बैक्टीरिया का कमजोर, निष्क्रिय या उसका कोई छोटा हिस्सा शरीर में डाला जाता है, जिससे प्रतिरक्षा प्रणाली उसे पहचानना सीख लेती है।
जब शरीर इस नकली खतरे से मिलता है, तो वह विशेष एंटीबॉडी और स्मृति कोशिकाएं बनाता है। ये कोशिकाएं लंबे समय तक शरीर में बनी रहती हैं, ताकि अगर असली संक्रमण कभी हो, तो शरीर उसे तुरंत पहचान कर तेज़ी से उससे लड़ सके, इससे पहले कि बीमारी गंभीर रूप ले।
यही वजह है कि टीकाकरण को रोकथाम के सबसे कारगर तरीकों में गिना जाता है, क्योंकि यह इलाज से पहले ही शरीर को तैयार कर देता है। दुनिया भर में कई गंभीर बीमारियों पर नियंत्रण इसी सिद्धांत की बदौलत संभव हो सका है, जिसने सार्वजनिक स्वास्थ्य को बदल दिया।