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समाचार की समझ

समाचार लेखन की उलटा पिरामिड संरचना

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Photo: Bertil-Ohlin-answers-questions-in-Radiotjänst-studio-142449708812 by Unknown photographer (Public domain), via Openverse

उलटा पिरामिड पत्रकारिता की सबसे पुरानी और सबसे भरोसेमंद लेखन शैलियों में से एक है। इसमें सबसे जरूरी जानकारी लेख की शुरुआत में ही दे दी जाती है, जैसे क्या हुआ, कहाँ हुआ और किसके साथ हुआ। इसके बाद धीरे धीरे कम महत्वपूर्ण विवरण जोड़े जाते हैं, ताकि पाठक बीच में पढ़ना छोड़े तो भी मूल बात समझ चुका हो।

यह ढाँचा अखबारों के शुरुआती दौर से चला आ रहा है, जब जगह और समय दोनों सीमित होते थे। संपादक जरूरत पड़ने पर लेख को नीचे से काट सकते थे, बिना मुख्य तथ्य खोए। आज डिजिटल युग में भी यही सोच काम आती है, क्योंकि ज्यादातर पाठक पूरा लेख नहीं, बस पहला अनुच्छेद ही पढ़ते हैं।

इस संरचना की खूबी यह भी है कि यह लेखक को भूमिका बाँधने या सस्पेंस बनाने से रोकती है। खबर सीधी, स्पष्ट और तथ्यों पर टिकी रहती है, जिससे पाठक कम समय में सही जानकारी तक पहुँच जाता है। यही कारण है कि यह शैली आज भी हर भाषा की पत्रकारिता में सिखाई जाती है।

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