Samachar

Har ghante ka bulletin. Published in Hindi.
210articles
0sources cited
0photographs
समाचार की समझ

“ऑन बैकग्राउंड” पत्रकारिता में क्या मायने रखता है

Launch library · evergreen read

Photo: Hillcrest Motel, circa 1970 - Moscow, Idaho (4257357035) by Steve Shook from Moscow, Idaho, USA (CC BY 2.0), via Openverse

पत्रकारिता में जब कोई सूत्र यह शर्त रखता है कि उसकी बात “ऑन बैकग्राउंड” इस्तेमाल हो, तो इसका मतलब है कि पत्रकार जानकारी का उपयोग कर सकता है, लेकिन सूत्र का नाम या पद सीधे नहीं बताया जाएगा। खबर में अक्सर “एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार” जैसे सामान्य शब्द दिखते हैं, जो पाठक को बताते हैं कि जानकारी भरोसेमंद है, भले ही स्रोत गुमनाम रहे।

यह व्यवस्था “ऑन द रिकॉर्ड” से अलग है, जहाँ हर शब्द सीधे नाम के साथ जोड़ा जा सकता है, और “ऑफ द रिकॉर्ड” से भी अलग है, जहाँ जानकारी सिर्फ पत्रकार को समझने के लिए दी जाती है, छापने के लिए नहीं। तीनों के बीच का फर्क समझना पत्रकार और सूत्र दोनों के लिए ज़रूरी होता है, ताकि भरोसा न टूटे।

ऑन बैकग्राउंड बातचीत अक्सर संवेदनशील मुद्दों पर काम आती है, जैसे सरकारी नीति या आंतरिक फैसलों पर, जहाँ अधिकारी खुलकर बोलना चाहते हैं पर सार्वजनिक रूप से नाम के साथ नहीं जुड़ना चाहते। पाठकों के लिए यह जानना उपयोगी है कि खबर में इस्तेमाल हुई शब्दावली दरअसल स्रोत और पत्रकार के बीच हुए एक अनकहे समझौते को दर्शाती है।

Back to the library

Share

Sharing opens the network in a new tab. No tracking scripts are loaded on this page.

Printed from Samachar. Sources for this article are listed at the end of the page.