भारत की संसद कैसे बनी है और इसके दो सदन क्या हैं
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भारत की संसद में दो सदन हैं, लोकसभा और राज्यसभा। लोकसभा के सदस्य सीधे जनता द्वारा चुने जाते हैं और यह सरकार बनाने का आधार होती है, जबकि राज्यसभा में राज्यों की विधानसभाओं के जरिए सदस्य चुने जाते हैं, इसलिए इसे राज्यों की आवाज माना जाता है।
कोई भी विधेयक कानून बनने से पहले दोनों सदनों से पारित होना जरूरी है, हालांकि वित्तीय मामलों में लोकसभा को अधिक अधिकार प्राप्त हैं। राष्ट्रपति की औपचारिक सहमति के बाद ही कोई विधेयक अंततः कानून का रूप लेता है, जो पूरी प्रक्रिया की अंतिम कड़ी होती है।
संसद का काम केवल कानून बनाना नहीं, बल्कि सरकार के कामकाज पर सवाल उठाना, बजट को मंजूरी देना और नीतियों पर बहस कराना भी है। यही वह मंच है जहां देश के अलग अलग हिस्सों और विचारधाराओं के प्रतिनिधि एक साथ बैठकर देश की दिशा तय करने की कोशिश करते हैं।