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विश्व की समझ

संधि और समझौते में क्या फर्क होता है

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Photo: Audax phonographic stylus on Rek-o-Kut record player (53998133589) by Ethan Long (CC BY-SA 2.0), via Openverse

संधि दो या अधिक देशों के बीच होने वाला औपचारिक, कानूनी रूप से बाध्यकारी दस्तावेज़ होता है, जिसे अक्सर संसद या सरकार की औपचारिक मंजूरी की जरूरत पड़ती है। इसमें शामिल पक्षों के अधिकार और जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से लिखी होती हैं, और इसका उल्लंघन अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत गंभीर माना जाता है।

समझौता शब्द ज्यादा व्यापक है और इसमें कम औपचारिक व्यवस्थाएं भी शामिल हो सकती हैं, जो हमेशा उतनी सख्ती से कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं होतीं। यह दो सरकारों, संस्थाओं या यहां तक कि व्यक्तियों के बीच भी हो सकता है, और इसकी प्रकृति परिस्थिति के अनुसार बदलती रहती है।

व्यवहार में दोनों शब्द अक्सर एक दूसरे के करीब इस्तेमाल होते दिखते हैं, लेकिन कूटनीति में यह फर्क मायने रखता है क्योंकि यह तय करता है कि किसी दस्तावेज़ को तोड़ने पर क्या कानूनी नतीजे भुगतने पड़ सकते हैं, और इसे लागू कराने का रास्ता कितना मजबूत है।

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