अंपायर और रेफरी में क्या अंतर होता है
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खेलों में नियमों को लागू करने वाले अधिकारी के लिए “अंपायर” और “रेफरी” दोनों शब्द इस्तेमाल होते हैं, लेकिन इनका उपयोग खेल के हिसाब से बदलता है। क्रिकेट, टेनिस और बेसबॉल जैसे खेलों में इस भूमिका को आमतौर पर अंपायर कहा जाता है, जबकि फुटबॉल, बास्केटबॉल और रग्बी में इसे रेफरी कहते हैं।
दोनों का बुनियादी काम एक जैसा है: मैदान पर नियमों का पालन सुनिश्चित करना, फैसले सुनाना, और यह तय करना कि कोई कार्रवाई नियमों के दायरे में है या नहीं। कुछ खेलों में एक से अधिक अंपायर या रेफरी होते हैं, जो मैदान के अलग अलग हिस्सों को देखते हैं।
तकनीक के आने के साथ, जैसे वीडियो रीप्ले और तीसरे अंपायर की मदद, इन अधिकारियों के फैसलों की समीक्षा करना भी संभव हो गया है, ताकि गलतियों की गुंजाइश कम हो। फिर भी मैदान पर अंतिम फैसला लेने का अधिकार अब भी इन्हीं अधिकारियों के पास रहता है।