उपभोक्ता मूल्य सूचकांक को समझना
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उपभोक्ता मूल्य सूचकांक एक आँकड़ा है जो यह मापता है कि आम लोगों द्वारा रोज़मर्रा में इस्तेमाल की जाने वाली वस्तुओं और सेवाओं की कीमतें समय के साथ कैसे बदल रही हैं। इसमें भोजन, आवास, परिवहन जैसी कई श्रेणियाँ शामिल होती हैं।
इसे मापने के लिए एक तय टोकरी बनाई जाती है, जिसमें आमतौर पर इस्तेमाल होने वाली वस्तुएँ और सेवाएँ शामिल होती हैं। समय समय पर इनकी कीमतों की तुलना की जाती है, ताकि यह पता चल सके कि औसत ख़र्च कितना बदला है।
यह सूचकांक महँगाई मापने का सबसे आम तरीका माना जाता है, क्योंकि यह सीधे तौर पर दिखाता है कि आम लोगों की जेब पर कितना असर पड़ रहा है। सरकारें और केंद्रीय बैंक इसी आँकड़े के आधार पर कई नीतिगत फ़ैसले लेते हैं।
यह आँकड़ा मज़दूरी, पेंशन और अन्य भुगतानों को महँगाई के अनुसार समायोजित करने में भी इस्तेमाल होता है, ताकि लोगों की क्रय शक्ति समय के साथ बनी रहे।