रहन सहन की लागत यानी cost of living को समझना
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रहन सहन की लागत, जिसे अंग्रेजी में cost of living कहा जाता है, इस बात को दर्शाती है कि किसी शहर या देश में एक सामान्य जीवनस्तर बनाए रखने के लिए कितना खर्च करना पड़ता है। इसमें किराया, भोजन, बिजली, यातायात और स्वास्थ्य सेवा जैसे रोजमर्रा के खर्च शामिल होते हैं।
यह लागत हर जगह एक जैसी नहीं होती, बड़े शहरों में आमतौर पर छोटे कस्बों की तुलना में यह ज्यादा होती है, क्योंकि वहाँ मकान और सेवाओं की मांग अधिक रहती है। यही वजह है कि एक ही वेतन अलग अलग शहरों में बहुत अलग जीवनस्तर दे सकता है।
जब महँगाई तेजी से बढ़ती है लेकिन आमदनी उसी रफ्तार से नहीं बढ़ती, तो लोगों को यह लागत बढ़ती हुई महसूस होती है, भले ही उनका वेतन नाम मात्र के लिए न बदला हो। यही कारण है कि यह विषय आर्थिक चर्चाओं में अक्सर आम आदमी की सबसे बड़ी चिंता के रूप में उभरता है।