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अर्थव्यवस्था सरल भाषा में

मुद्रा विनिमय दर को सरल भाषा में समझना

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Photo: Radiograbador Sanyo Retro C15 Estéreo en un estudio profesional de emisora FM en Ruiz de Montoya, Provincia de Misiones, by Horacio Cambeiro (CC BY 4.0), via Openverse

मुद्रा विनिमय दर बताती है कि एक देश की मुद्रा की तुलना में दूसरे देश की मुद्रा का मूल्य कितना है, जैसे एक डॉलर के बदले कितने रुपये मिलेंगे। यह दर स्थिर नहीं रहती, बल्कि मांग और आपूर्ति, ब्याज दरों और आर्थिक भरोसे जैसे कई कारकों के आधार पर हर दिन बदलती रहती है।

जब किसी देश की मुद्रा मजबूत होती है, तो विदेश से सामान खरीदना सस्ता पड़ता है, लेकिन उस देश का निर्यात दूसरे देशों के लिए महँगा हो जाता है। इसके उलट कमजोर मुद्रा निर्यात को सस्ता और आकर्षक बना सकती है, पर आयात महँगा कर देती है।

यही कारण है कि केंद्रीय बैंक और सरकारें विनिमय दर पर करीबी नजर रखती हैं, क्योंकि इसका सीधा असर महँगाई, व्यापार और आम आदमी की जेब पर पड़ता है। विदेश यात्रा करने वाले लोग भी इसी दर के आधार पर अपने पैसे की असली कीमत आँकते हैं।

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