भूकंप क्यों और कैसे आते हैं
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पृथ्वी की सतह कई बड़ी बड़ी चट्टानी परतों से बनी है, जिन्हें प्लेट कहा जाता है। यह प्लेटें बहुत धीमी गति से लगातार हिलती रहती हैं, और जब यह आपस में टकराती हैं या रगड़ खाती हैं, तो इनके किनारों पर दबाव बनने लगता है।
यह दबाव समय के साथ बढ़ता जाता है, और जब यह चट्टानों की सहनशक्ति से अधिक हो जाता है, तो यह अचानक ऊर्जा के रूप में मुक्त होता है। यही ऊर्जा तरंगों के रूप में ज़मीन में फैलती है, जिसे हम भूकंप के रूप में महसूस करते हैं।
भूकंप की तीव्रता इस बात पर निर्भर करती है कि कितनी ऊर्जा मुक्त हुई और वह ज़मीन की सतह के कितने करीब से आई। यही वजह है कि कुछ भूकंप हल्के झटके जैसे महसूस होते हैं, जबकि कुछ बेहद विनाशकारी होते हैं।
वैज्ञानिक दुनिया भर में लगे उपकरणों की मदद से इन गतिविधियों पर नज़र रखते हैं, ताकि भूकंप संभावित इलाकों की पहचान की जा सके और इमारतों को इस तरह डिज़ाइन किया जा सके कि वे झटकों को बेहतर तरीके से झेल सकें।