लोकसभा और राज्यसभा को समझना
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भारतीय संसद दो सदनों से मिलकर बनी है, लोकसभा और राज्यसभा। लोकसभा निचला सदन है, जिसके सदस्य सीधे जनता द्वारा चुने जाते हैं, और यहीं से देश की सरकार बनती है, क्योंकि जिस दल या गठबंधन को यहाँ बहुमत मिलता है वही सत्ता में आता है।
राज्यसभा ऊपरी सदन है, जिसके सदस्यों को राज्यों की विधानसभाओं द्वारा चुना जाता है, न कि सीधे आम जनता द्वारा। इसे स्थायी सदन भी कहा जाता है, क्योंकि यह कभी पूरी तरह भंग नहीं होता, बल्कि इसके एक तिहाई सदस्य समय समय पर बदलते रहते हैं।
दोनों सदनों को अधिकतर कानूनों को पारित करने के लिए मंजूरी देनी होती है, हालाँकि वित्तीय मामलों में लोकसभा की भूमिका ज्यादा निर्णायक मानी जाती है। यह दो सदनीय ढाँचा कानून बनाने की प्रक्रिया में अधिक विचार विमर्श और संतुलन सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है।