राष्ट्रीय संप्रभुता का अर्थ क्या है
Launch library · evergreen read

राष्ट्रीय संप्रभुता का सीधा मतलब है किसी देश का अपने भूभाग, अपने कानून और अपने फैसलों पर पूरा अधिकार रखना, बिना किसी बाहरी ताकत के हस्तक्षेप के। यह अवधारणा आधुनिक अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की नींव मानी जाती है, जहाँ हर देश को बराबर का दर्जा और सम्मान मिलने की अपेक्षा की जाती है।
व्यवहार में इसका मतलब है कि कोई भी देश अपनी सीमाओं के भीतर कानून बनाने, कर लगाने, सुरक्षा व्यवस्था तय करने और विदेश नीति चुनने के लिए स्वतंत्र होता है। दूसरे देश आमतौर पर इस अधिकार का सम्मान करते हैं, और यही सम्मान अंतरराष्ट्रीय संबंधों का आधार बनता है।
हालांकि आज की जुड़ी हुई दुनिया में संप्रभुता का मतलब पूरी तरह अलग थलग रहना नहीं है। देश व्यापार समझौतों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों और साझा नियमों में शामिल होकर भी अपनी संप्रभुता बनाए रखते हैं, बस कुछ मामलों में साझा फैसलों को स्वीकार करने के लिए सहमत होते हैं।