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ऑस्ट्रेलिया की संस्थाएँ

ऑस्ट्रेलियाई संविधान को समझना

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Photo: Moses Znaimer (52108225299) by John Bauld from Toronto, Canada (CC BY 2.0), via Openverse

ऑस्ट्रेलियाई संविधान वह मूल दस्तावेज़ है जिसने 1901 में अलग अलग उपनिवेशों को मिलाकर एक संघीय राष्ट्र बनाया। यह संघीय सरकार और राज्यों के बीच शक्तियों का बँटवारा तय करता है, जैसे कि रक्षा, विदेश नीति और मुद्रा जैसे विषय केंद्र सरकार के पास रहते हैं।

इस दस्तावेज़ में एक अहम प्रावधान यह भी है कि इसे बदलने के लिए सामान्य कानून पर्याप्त नहीं होता। संविधान में संशोधन के लिए पूरे देश में जनमत संग्रह कराना जरूरी होता है, जिसमें बहुसंख्यक राज्यों और कुल मतदाताओं दोनों की स्वीकृति चाहिए होती है, इसीलिए संशोधन अपेक्षाकृत दुर्लभ रहे हैं।

संविधान संसद, कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच शक्तियों का बँटवारा भी स्पष्ट करता है, ताकि कोई एक अंग बहुत ज्यादा ताकतवर न हो जाए। यह ढाँचा ऑस्ट्रेलिया के लोकतांत्रिक तंत्र की नींव माना जाता है और आज भी लगभग वैसा ही बना हुआ है जैसा शुरुआत में तय किया गया था।

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