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विज्ञान और तकनीक

जल चक्र (वाटर साइकल) को समझना

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Photo: Audax phonographic stylus on Rek-o-Kut record player (53998133589) by Ethan Long (CC BY-SA 2.0), via Openverse

जल चक्र वह निरंतर प्रक्रिया है जिसके ज़रिए पानी पृथ्वी पर समुद्र, बादल, बारिश और नदियों के बीच लगातार घूमता रहता है। यह प्रक्रिया मुख्य रूप से सूरज की ऊर्जा और गुरुत्वाकर्षण से चलती है, और लाखों सालों से पृथ्वी पर जीवन को संभव बनाए रखने में मदद करती है।

सबसे पहले सूरज की गर्मी से समुद्र, नदियों और झीलों का पानी भाप बनकर हवा में उठता है, जिसे वाष्पीकरण कहा जाता है। ऊपर जाकर यह भाप ठंडी हवा के संपर्क में आकर छोटी छोटी बूंदों में बदलती है और बादल बनाती है, इस प्रक्रिया को संघनन कहा जाता है।

जब बादलों में पानी की बूंदें काफी भारी हो जाती हैं, तो वे बारिश, बर्फ या ओले के रूप में ज़मीन पर गिरती हैं, जिसे वर्षण कहा जाता है। यह पानी नदियों, झीलों और भूजल में इकट्ठा होता है, और अंततः फिर समुद्र में पहुंचकर यह चक्र दोबारा शुरू हो जाता है।

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