क्रिकेट में टेस्ट मैच क्या होता है
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टेस्ट मैच क्रिकेट का सबसे पुराना और पारंपरिक प्रारूप है, जो पाँच दिनों तक खेला जाता है। इसमें हर टीम को दो बार बल्लेबाज़ी करने का मौका मिलता है, जिससे यह खेल का सबसे लंबा और धैर्य की परीक्षा लेने वाला रूप बन जाता है।
इस प्रारूप में जीत हासिल करने के लिए एक टीम को दूसरी टीम के दोनों पारियों में सभी खिलाड़ियों को आउट करना होता है, या फिर मैच के अंत तक ज़्यादा रन बनाकर बढ़त बनाए रखनी होती है।
अगर पाँच दिनों में कोई नतीजा नहीं निकलता, तो मैच ड्रॉ माना जाता है, जो इस प्रारूप की एक ख़ास विशेषता है। यह अन्य प्रारूपों से अलग है, जहाँ हर मैच का कोई न कोई नतीजा निकलना तय होता है।
टेस्ट क्रिकेट को खिलाड़ियों के तकनीकी कौशल, धैर्य और मानसिक मज़बूती की सबसे बड़ी परीक्षा माना जाता है, और यही वजह है कि कई क्रिकेट प्रेमी इसे खेल का सबसे शुद्ध रूप मानते हैं।