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समाचार की समझ

संपादकीय क्या है और यह समाचार रिपोर्ट से कैसे अलग है

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Photo: Broadcast Studio (53998133689) by Ethan Long (CC BY-SA 2.0), via Openverse

संपादकीय किसी समाचार संस्थान की सामूहिक राय को दर्शाने वाला लेख होता है, जो किसी मुद्दे पर रुख अपनाता है और तर्क के साथ अपनी बात रखता है। यह किसी एक पत्रकार की निजी उपज नहीं बल्कि संपादकीय टीम की साझा सोच का प्रतिनिधित्व करता है, इसलिए इसे बाकी खबरों से अलग जगह छापा जाता है।

समाचार रिपोर्ट का मकसद घटनाओं को तटस्थ ढंग से बताना है, जबकि संपादकीय का मकसद पाठक को किसी नजरिए की ओर सोचने के लिए प्रेरित करना है। इसमें तथ्यों का इस्तेमाल तो होता है, पर उनका उपयोग किसी निष्कर्ष तक पहुंचने के लिए किया जाता है, न कि केवल जानकारी देने के लिए।

जिम्मेदार प्रकाशन संपादकीय को हमेशा स्पष्ट रूप से लेबल करते हैं, ताकि पाठक भ्रमित न हों कि यह राय है या रिपोर्टिंग। इस अंतर को समझना पाठक को यह तय करने में मदद करता है कि वह जो पढ़ रहा है वह घटना का ब्योरा है या उस पर किसी संस्थान की सोची समझी राय।

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Printed from Samachar. Sources for this article are listed at the end of the page.