जलवायु परिवर्तन का असली मतलब क्या है
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जलवायु परिवर्तन का मतलब है पृथ्वी के औसत तापमान और मौसम के पैटर्न में लंबे समय तक होने वाला बदलाव। यह प्राकृतिक कारणों से भी होता रहा है, लेकिन पिछले कुछ दशकों में इंसानी गतिविधियों, खासकर जीवाश्म ईंधन जलाने से इसकी गति काफी तेज़ मानी जाती है।
जब कोयला, तेल या गैस जलाई जाती है, तो कार्बन डाइऑक्साइड जैसी गैसें वायुमंडल में जमा होती हैं। ये गैसें सूरज की गर्मी को धरती के पास रोक लेती हैं, जिसे ग्रीनहाउस प्रभाव कहा जाता है। यही प्रभाव धीरे धीरे धरती के औसत तापमान को बढ़ाता जा रहा है।
इसके नतीजे केवल गर्मी बढ़ने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समुद्र का स्तर बढ़ना, मौसम का अनियमित होना और पारिस्थितिकी तंत्र पर दबाव भी इसमें शामिल हैं। यही वजह है कि दुनिया भर के देश उत्सर्जन घटाने और नवीकरणीय ऊर्जा अपनाने के उपायों पर लगातार चर्चा और सहयोग करते रहते हैं।