जीडीपी यानी सकल घरेलू उत्पाद को आसान भाषा में समझें
Launch library · evergreen read

सकल घरेलू उत्पाद, यानी जीडीपी, किसी देश में एक तय अवधि के भीतर उत्पादित सभी वस्तुओं और सेवाओं के कुल मूल्य को मापता है। इसे किसी अर्थव्यवस्था के आकार और उसकी गतिविधि की गति को समझने का सबसे बुनियादी पैमाना माना जाता है, चाहे वह देश छोटा हो या बड़ा।
जब जीडीपी बढ़ता है, तो इसका सामान्य अर्थ है कि उत्पादन, रोजगार और खर्च की गतिविधि भी बढ़ रही है। इसके उलट, जीडीपी में गिरावट अक्सर आर्थिक सुस्ती या मंदी का संकेत मानी जाती है, जिससे नौकरियों और आय पर असर पड़ने की आशंका बढ़ जाती है।
हालांकि जीडीपी अकेले पूरी तस्वीर नहीं दिखाता, क्योंकि यह यह नहीं बताता कि यह वृद्धि समाज में कितनी समान रूप से बंटी है। इसीलिए विशेषज्ञ जीडीपी के साथ साथ रोजगार दर, आय असमानता और जीवन स्तर जैसे दूसरे संकेतकों को भी साथ में देखने की सलाह देते हैं।