खोजी पत्रकारिता क्या होती है
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खोजी पत्रकारिता सामान्य रिपोर्टिंग से अलग होती है, क्योंकि इसमें पत्रकार किसी घटना की सतह पर मिली जानकारी से संतुष्ट नहीं होते। वे दस्तावेज़ खंगालते हैं, कई स्रोतों से बात करते हैं और महीनों तक एक ही विषय पर गहराई से काम करते हैं, ताकि वे बातें सामने ला सकें जिन्हें कोई छुपाना चाहता है।
इस तरह के काम में समय, धैर्य और कानूनी सावधानी तीनों की जरूरत होती है। हर दावे को कम से कम दो स्वतंत्र स्रोतों से पुष्ट करना आम नियम माना जाता है, ताकि प्रकाशित रिपोर्ट कानूनी रूप से भी मजबूत रहे और पाठकों का भरोसा बना रहे।
ऐतिहासिक रूप से खोजी पत्रकारिता ने भ्रष्टाचार, सार्वजनिक धन के दुरुपयोग और संस्थागत लापरवाही को उजागर करने में बड़ी भूमिका निभाई है। यही वजह है कि इसे लोकतंत्र में जनता की आँख कहा जाता है, जो सत्ता को जवाबदेह बनाए रखने में मदद करती है।