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समाचार की समझ

विश्वसनीय समाचार स्रोत की पहचान कैसे करें

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Photo: Americana Hotel, circa 1960s - Gary, Indiana (4218092677) by Steve Shook from Moscow, Idaho, USA (CC BY 2.0), via Openverse

कोई समाचार स्रोत भरोसे लायक है या नहीं, यह परखने का सबसे आसान तरीका है यह देखना कि वह अपनी जानकारी कहाँ से लाया है। विश्वसनीय स्रोत हमेशा बताते हैं कि तथ्य किसने दिए, कब दिए और किस आधार पर दिए। अगर किसी खबर में स्रोत का नाम ही स्पष्ट न हो, तो पाठक को सतर्क हो जाना चाहिए, क्योंकि पारदर्शिता ही भरोसे की पहली शर्त मानी जाती है।

दूसरा संकेत है गलती सुधारने का तरीका। जो प्रकाशन अपनी भूल मानने से नहीं कतराते और सुधार को साफ तौर पर दिखाते हैं, वे अक्सर अधिक जिम्मेदार माने जाते हैं। इसके उलट जो लगातार दावे बदलते रहते हैं और सफाई कभी नहीं देते, उन पर भरोसा करना जोखिम भरा हो सकता है।

तीसरी कसौटी है राय और तथ्य के बीच का फर्क। गंभीर पत्रकारिता रिपोर्टिंग और विश्लेषण को अलग रखती है, ताकि पाठक खुद तय कर सके कि क्या तथ्य है और क्या राय। जब कोई स्रोत यह भेद मिटाकर केवल भावनाएँ उभारने की कोशिश करता है, तो सावधान रहना ही समझदारी है।

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