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इतिहास के पन्ने

बर्लिन दीवार क्या थी और यह क्यों गिरी

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Photo: Moscow TraveLodge, 1969 - Moscow, Idaho (4257383037) by Steve Shook from Moscow, Idaho, USA (CC BY 2.0), via Openverse

बर्लिन दीवार शीत युद्ध के दौर में बर्लिन शहर को दो हिस्सों में बाँटने के लिए बनाई गई थी। यह दीवार पूर्वी और पश्चिमी विचारधाराओं के बीच बँटवारे का एक बेहद ठोस और दृश्य प्रतीक बन गई थी।

यह दीवार दशकों तक खड़ी रही, जिसने परिवारों और समुदायों को अलग अलग हिस्सों में बाँट दिया। इस दौरान यह पूरी दुनिया के लिए राजनीतिक विभाजन और वैचारिक टकराव का एक प्रतीक बनी रही।

समय के साथ जब राजनीतिक परिस्थितियाँ बदलने लगीं और यूरोप में बदलाव की लहर तेज़ हुई, तो जनता के दबाव और बदलती नीतियों के चलते यह दीवार आख़िरकार गिरा दी गई, जो एक ऐतिहासिक पल माना जाता है।

इस घटना को यूरोप के विभाजन के अंत और शीत युद्ध के दौर के समापन के एक प्रतीकात्मक क्षण के रूप में देखा जाता है, जिसने आगे चलकर पूरे महाद्वीप की राजनीति को नई दिशा दी।

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